… ओर जब थाना प्रभारी नेबच्चों को पढ़ाया क़ानून का पाठ, कहा जब भी असुरक्षित महसूस करें

गिरिडीह

तो वे बेझिझक पुलिस के समक्ष रखे अपनी बात

गिरिडीह. गिरिडीह जिले के महेशलुण्डी पंचायत के अंतर्गत आने वाले उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलाटांड़ के प्रांगण में गुरुवार को पुलिस और स्कूली बच्चों के बीच एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कानून के प्रति जागरूक करना और उनके भीतर से पुलिस का डर समाप्त कर उन्हें सशक्त बनाना था।

​थाना प्रभारी ने दी कानूनी जानकारी

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महंतों ने बच्चों को संबोधित करते हुए कानून की बुनियादी जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को विस्तार से उनके मौलिक अधिकारों के बारे में बताया ताकि वे समाज में सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को कभी भी पुलिस से डरने की आवश्यकता नहीं है।​थाना प्रभारी ने कहा कि यदि बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी होती है या वे असुरक्षित महसूस करते हैं, तो वे बेझिझक होकर अपनी बात पुलिस के सामने रख सकते हैं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया।

​शिक्षा और खेल का महत्व

​इस अवसर पर स्थानीय मुखिया शिवनाथ साव ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है, लेकिन वर्तमान समय में शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। मुखिया ने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपनी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें ताकि भविष्य में वे सफल होकर देश और राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।​संवाद के दौरान बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। पुलिस अधिकारियों ने बहुत ही सरल और सहज तरीके से बच्चों के सवालों के जवाब दिए। विद्यालय के शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें सुरक्षा की भावना जागृत होती है।

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