इस आंदोलन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़पें भी देखने को मिलीं। प्रदर्शनकारियों ने ‘बेटी बचाओ’ जैसे सरकारी नारों पर कटाक्ष करते हुए गंभीर आरोप लगाए और सुरक्षा की मांग को लेकर अपना कड़ा रुख बरकरार रखा। छात्रा की मौत का यह मामला अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार विधानसभा के जारी बजट सत्र में भी गूंज रहा है। सदन के अंदर और बाहर विपक्षी नेता इस मुद्दे पर नीतीश सरकार और पुलिस प्रशासन को लगातार घेर रहे हैं, जिससे सियासी पारा चढ़ गया है।
मामले ने राजनीतिक मोड़ तब और ले लिया जब सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर भी विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि छात्रा को न्याय दिलाने की आवाज उठाने के कारण दमनकारी कार्रवाई की जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के लगातार विरोध प्रदर्शनों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे पटना में फिलहाल तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
