आस्था या अंधविश्वास : छोटे से बच्चे को जलती आग पर नचाया, फिर हाथों से उठवाया गया आग, प्रदर्शन देखने महिलाओं की उमड़ी रही भीड़

गिरिडीह

गिरिडीह. गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के बरवाडीह पंचायत के सलैया टिल्हा गांव से एक हैरान करने और चौकाने वाली वीडियो सामने आई है. यंहा आस्था के नाम पर आज भी छोटे बच्चे को जलती आग पर चलाया जा रहा है. अब इसे आस्था कहे या फिर अंधविश्वास. दरअसल तिसरी प्रखंड क्षेत्र के बरवाडीह पंचायत के सलैया टील्हा निवासी कामेशवर यादव के पोता और शंकर यादव के बघौत देवता के ऊपर ग्रामीणों ने भगत पकड़ाने की बात पूरे गांव में फैला दी. फिर क्या शंकर यादव के पुत्र जिसे ग्रामीण (बघौत देवता) कहते हैं.. उनकी पूजा – अर्चना करना शुरु कर दी. पूरे विधि – विधान के साथ फिर उन्हें भगत का दर्जा दिलाया गया. फिर शुरु हुआ खेल. ग्रामीणों की माने तो अगर गांव में किसी पर भगत पकडाता है तो उसे आग पर नचाया जाता है और फिर उस आग की राख़ को लोगों के ऊपर छिटा भी जाता है. लेकिन यह खेल काफी ख़तरनाक होता है, क्योंकि इस दौरान उस व्यक्ति या बच्चे के शरीर को नुकसान भी पहुंच सकता है. लेकिन ग्रामीणों की माने तो यह परम्परा पूर्वजो के द्वारा चली आ रही है. लेकिन हमारा मानना है की आस्था के नाम पर इस तरह के जानलेवा खेल का प्रदर्शन बंद होना चाहिए.

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