डिप्टी मेयर ओर सभी वार्डों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव में उतारने को ले मंथन शुरू
गिरिडीह. नगर निगम चुनाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू होने के साथ ही भाजपा ने अपनी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है. भले ही इस बार चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, लेकिन इस बार होने वाले नगर निगम चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी को लेकर आज पचम्बा के हरिचक में भाजपा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. जिसमें मुख्य रुप से धनबाद के विधायक राज सिन्हा, बोकारो के विधायक विरंची नारायण, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवींन्द्र राय, पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी समेत भाजपा के कई नेता शामिल हुए. इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा महानगर जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार राय ने किया. बैठक में गिरिडीह भाजपा के कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस बैठक में मुख्य रुप से आगामी नगर निगम चुनाव में कैसे भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव में उतारा जाए ओर हर एक वार्ड से लेकर डिप्टी मेयर ओर मेयर सीट पर जीत हासिल किया जाए, इसे लेकर रणनीति तैयार की गयी. धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा की इस बैठक के जरिये यह तय करने पर बल दिया गया की सर्वसम्मति से एक व्यक्ति मेयर सीट पर चुनाव लडे ओर इसके अलावा सभी वार्ड में भाजपा या भाजपा समर्थित जो भी कार्यकर्ता हैं वे चुनाव लड़े ओर चुनाव जीते. कहा की यह चुनाव दलीय आधार पर तो है नहीं, लेकिन हमलोगों ने कई बार चिल्ला – चिल्ला कर कहा है की हेमंत सरकार में अगर हिम्मत है तो दलीय आधार पर चुनाव कराकर देखें, लेकिन उनकी मंशा तो ईमानदारी पूर्वक चुनाव कराने की है ही नहीं. कहा की देश आगे बढ़ रहा है ओर हेमंत सरकार पीछे जा रही है. हमलोगों ने यह मांग किया की चुनाव इवीएम के जरिये कराएं, लेकिन वे बैलेट पेपर से चुनाव कराने जा रहे हैं, इससे साफ है की उनकी मंशा अपने प्रत्याशियों को जिताने की कोशिश करेंगे. इसलिए भाजपा ने अभी से ही यह तैयारी करनी शुरू कर दी है, की भाजपा पूरी मुस्तैदी के साथ चुनाव लड़ें ओर जीत हासिल करें. वंही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र राय ने कहा की हाई कोर्ट ओर भाजपा के दबाव में आकर चुनाव कराने का निर्णय हेमंत सोरेन की सरकार ने चुनाव कराने का निर्णय लिया है. लेकिन भाजपा शुरू से ही मांग करते आई है की नगर पालिका हो या फिर नगर निगम या नगर पंचायत, अगर हेमंत सोरेन की सरकार में हिम्मत है तो अभी भी दलीय आधार पर चुनाव कराने की घोषणा करें, उन्हें यह पता चल जाएगा की कोई कितने पानी में है.
