बिहार. रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश किया. इसमें बिहार के लिए कई ऐसी खास घोषणाएं की गई, जिसका फायदा लंबे समय तक राज्य को मिल सकता हैं. हाईस्पीड रेल कॉरिडोर , इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरों का डेवलपमेंट और इसके अलावा भी अन्य जरूरी घोषणाएं की गई. आइए प्वाइंट्स में जानते हैं.
- हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
देश के सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में से एक वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर का ज्यादातर हिस्सा बिहार से होकर भी गुजरेगा. बिहार में इसका संभावित रूट बक्सर, आरा, पटना और किशनगंज होगा. इससे लंबी दूरी की यात्रा बेहद कम समय में पूरी हो सकेगी. ऐसे में इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार के लोगों को भी लाभ मिलेगा.
- पटना में शिप रिपेयर सेंटर
केंद्रीय बजट में बिहार को बड़ी हिस्सेदारी पटना में शिप रिपेयर सेंटर के रूप में मिली है. इससे पटना जलमार्ग का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा. साथ ही बिहार में मरीन इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जलमार्ग को बढ़ावा देने के लिए तटीय कार्गो प्रोत्साहन नीति लाने की घोषणा की है. बिहार को इस योजना का भी लाभ मिल सकता है.
- 8 शहरों को सहायता
बिहार के पांच लाख से अधिक आबादी वाले 8 शहर को बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मिलेगी. इससे इनको आधारभूत सुविधाओं के विकास में अतिरिक्त मदद मिलेगी.
- 38 जिलों में महिला हॉस्टल
राज्य के सभी 38 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल खोले जायेंगे. इससे उनको काफी लाभ मिल सकेगा.
- सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी फायदा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ शुरू करने की घोषणा की है. इसे सुखद संयोग ही कहा जायेगा कि कुछ दिन पहले ही बिहार ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद आकर्षक पॉलिसी को राज्य में प्रभावी किया. इसमें उसने 30 हजार करोड़ के निवेश और दो लाख लोगों को पेशेवर्स को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है. जाहिर है कि बिहार को केंद्रीय बजट घोषणा का फायदा उठाने वाले भारत के सबसे पहले 10 राज्यों में एक होगा, जिसे केंद्रीय बजट घोषणा का फायदा मिलेगा.
- गंगा कॉरिडोर से होगा फायदा
निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में इनलैंड वाट वे, फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक सुधारों को लेकर घोषणा की थी, जिसका फायदा बिहार को भी मिल सकेगा. नदी के रास्ते सस्ता परिवहन मिलने की वजह से सीमेंट, कोयला, कृषि उत्पाद और अन्य सामान लाने और ले जाने की लागत घट सकेगी. गंगा नदी के जरिए सामानों को एक्सपोर्ट करना आसान हो सकेगा.
