पटना. बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. सीबीआई की दिल्ली ब्रांच ने उपभोक्ता मामलों के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव रहे संजीव हंस और 7 अन्य लोगों के खिलाफ एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में नियमित मामला दर्ज किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (NCDRC) में एक बिल्डर के पक्ष में फैसला कराने और प्रमोटर की गिरफ्तारी टालने के लिए भारी भरकम राशि वसूली थी. इस मामले में विपुल बंसल, अनुभव अग्रवाल, पुष्पराज बजाज और मैसर्स ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स से जुड़े अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है.
जांच में सामने आया है कि रिश्वत की यह राशि किस्तों में और कोड वर्ड का इस्तेमाल कर हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई थी. सीबीआई के अनुसार, अगस्त 2019 में 16 लाख रुपये बैंक के माध्यम से और शेष राशि नकद व हवाला के जरिए ट्रांसफर की गई थी. इस पूरी साजिश में शादाब खान और पुष्पराज बजाज की भूमिका लेनदेन को सुरक्षित बनाने में अहम रही. फिलहाल, जांच एजेंसी ने आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है.
