गिरिडीह: सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा में गुरुवार को “नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020” पर सीबीएसई इन-हाउस प्रशिक्षण 2025-26 का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसने सभी उपस्थित शिक्षकों और अतिथियों को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
मंच संचालन अजित मिश्र ने किया। उन्होंने सभी रिसोर्स पर्सन्स का परिचय कराया
*प्रशिक्षण के प्रमुख सत्र:*
– *एक्सपीरिएंशियल लर्निंग*: गौरव मुखर्जी ने कहा कि हर बच्चे में अलग-अलग रुचियां होती हैं और उनकी प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए उनकी रुचियों को तलाशना जरूरी है।
– *स्किल डेवलप्मेंट एंड वोकेशनल एजुकेशन*: आनंद शंकर ने वोकेशनल कोर्स की जरूरत और स्किल डेवलप्मेंट पर अपनी बात रखी।
– *कॉम्पिटेंसी बेस्ड पेडागॉजी*: शालिनी राज ने स्ट्रेस फ्री क्लासेज के महत्व को बढ़ावा दिया और ठीक से डिलीवर करना हॉलिस्टिक डेवलप्मेंट ही है।
– *हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड*: अमित दुबे ने छात्रों के समग्र विकास के लिए नई मूल्यांकन तकनीकों पर चर्चा की।
– *फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी*: कुमार प्रशांत ने एन ई पी के मुख्य बिंदुओं को रखा तथा बच्चों पर उम्र के अनुसार उसकी योग्यता पर ध्यान देने के लिए कहा। कक्षाएं एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग हो इस पर ध्यान देने की बात कही।
निशा बहन जी व राजीव सिन्हा आचार्य जी के द्वारा फीडबैक दिया गया। प्रधानाचार्य श्री आनंद कमल ने सभी रिसोर्स पर्सन्स को प्रमाण पत्र व प्रमाण देकर सम्मानित किए।विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष श्री अर्जुन मिष्ठकार जी ने रिसोर्स पर्सन्स सहित सभी दीदी जी,आचार्य जी को आशीर्वचन देते हुए कहा कि शिशु मंदिर में बच्चों को शिक्षा देना राष्ट्र निर्माण करना है तथा ईश्वर की सच्ची सेवा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के बारे में जानकारी देना और उन्हें अपने शिक्षण में इसका प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम ने शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन तकनीकों से अवगत कराया, जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक होंगे।
