चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले में तसर रेशम उत्पादन को वैश्विक पहचान दिलाने और स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी कवायद शुरू की है. इसी क्रम में भारत सरकार के केंद्रीय रेशम बोर्ड (बिलासपुर) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जयप्रकाश पांडेय ने उपायुक्त चंदन कुमार से शिष्टाचार भेंट की. समाहरणालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में चाईबासा क्षेत्र में तसर बीज उत्पादन के सुदृढ़ीकरण, विस्तार और आगामी ‘सिल्क पार्क’ की स्थापना को लेकर विस्तृत ब्लूप्रिंट पर चर्चा की गई.
डॉ. जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि कोल्हान क्षेत्र में तसर सिल्क की अपार संभावनाएं हैं. प्रस्तावित सिल्क पार्क न केवल रेशम उत्पादन को नई दिशा देगा, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और किसानों के लिए स्थायी आजीविका के नए द्वार खुलेंगे. बैठक में तसर कीट बीज के बुनियादी उत्पादन, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और क्षेत्रीय समन्वय को बेहतर बनाने पर भी सहमति बनी.
इस अवसर पर खरसावां स्थित बुनियादी बीज उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र के वैज्ञानिक प्रदीप गुलाबराव डुकरे, सहायक उद्योग निदेशक (रेशम) रविशंकर प्रसाद सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित थे. प्रशासन का मानना है कि वैज्ञानिक तकनीकों के समावेश से पश्चिमी सिंहभूम तसर बीज उत्पादन के मामले में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है.
