गिरिडीह. जिला उपायुक्त, रामनिवास यादव आज समाहरणालय स्थित विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर रहे थे, इसी क्रम में बाल कल्याण समिति के पास खड़ी दो बच्चों के साथ एक महिला पर उनकी नजर पड़ी, मौके पर उपायुक्त ने महिला से समाहरणालय आने का कारण पूछा. महिला ने उपायुक्त को बताया कि मेरा नाम रेणु देवी है, मेरे दो बच्चे है, (1. राम कुमार साहू (बेटा) उम्र-7 वर्ष, 2. रितिक कुमार साहू (बेटा) उम्र-5 वर्ष सलैयडीह) बच्चों के पिता का देहांत हो चुका है, मजदूरी करके घर का खर्च चलना पड़ता है. इसके पश्चात उपायुक्त ने मामले को त्वरित संज्ञान में लेते हुए बाल संरक्षण पदाधिकारी को बुलाया और दोनों बच्चों को प्राथमिकता के साथ स्पॉन्सरशिप योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ देने हेतु निर्देशित किया. उपायुक्त ने महिला से बच्चों की पढ़ाई के बारे जानकारी प्राप्त की. साथ ही मौके पर समाज कल्याण विभाग द्वारा बच्चों को स्वेटर भी उपलब्ध कराया गया.
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बच्चों का जनकल्याण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. इस मानवीय पहल से बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी. महिला रेणु कुमारी ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की और आभार व्यक्त किया. उपायुक्त की संवेदनशील सोच और तत्पर निर्णय से बच्चों को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य की दिशा मिली है. यह पहल जिले में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बन रही है.
