कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के मात्र 24 घंटे के भीतर भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है. रविवार आधी रात को मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाने के बाद, सोमवार को आयोग ने बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) और कोलकाता पुलिस कमिश्नर (CP) को भी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया.
महत्वपूर्ण नियुक्तियां और बदलाव:
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है:
| पद | हटाए गए अधिकारी | नए नियुक्त अधिकारी (IPS Batch) |
| DGP & IGP (पश्चिम बंगाल) | पिजुस पांडे | सिद्ध नाथ गुप्ता (1992 बैच) |
| कोलकाता पुलिस कमिश्नर (CP) | सुप्रतिप सरकार | अजय कुमार नंद (1996 बैच) |
| ADG (कानून और व्यवस्था) | विनीत कुमार गोयल | अजय मुकुंद रानाडे (1995 बैच) |
| DG (सुधार सेवा/Correctional Services) | – | नटराजन रमेश बाबू (1991 बैच) |
प्रशासनिक फेरबदल की मुख्य वजह:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान का भरोसा दिलाया था. आयोग ने स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन की गहन समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और अखंडता बनी रहे. नए कोलकाता कमिश्नर अजय कुमार नंद को जंगलमहल क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को दबाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने का लंबा अनुभव है.
इससे पहले, रविवार देर रात चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को हटाकर दुष्यंत नारियावाला और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना की जगह संघमित्रा घोष की नियुक्ति की थी. आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि हटाए गए सभी अधिकारी चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक किसी भी चुनावी ड्यूटी का हिस्सा नहीं होंगे. सभी नए अधिकारियों को आज दोपहर 3 बजे तक अपना कार्यभार संभालने और अनुपालन रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया गया है.
