पश्चिम बंगाल. पश्चिम बंगाल में मौसम ने पाला क्या बदला, कांग्रेस को इस बात का यकीन हो गया कि बंगाल में अभी ‘कांग्रेस जिंदा है’. पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मौसम के बदलते ही राज्य की बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गयी है. कांग्रेस को तो मानो नयी ऊर्जा ही मिल गयी है. हां, वर्ष 2021 में 0 (शून्य) पर सिमट चुकी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेता कह रहे हैं कि बंगाल में ‘कांग्रेस अभी जिंदा’ है.
मौसम बेनजीर नूर ने बदल लिया है पाला
बंगाल में मौसम के बदलने का मतलब है मौसम बेनजीर नूर का पाला बदलना. पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता रहे बरकत अली गनी खान चौधरी की बेटी मौसम बेनजीर नूर ने सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने एक बार फिर उस पार्टी में वापसी कर ली है, जिस पार्टी से उन्होंने राजनीति की शुरुआत की थी.
चचेरे भाई ईशा खान के साथ कांग्रेस में शामिल हुईं मौसम
एबीए गनी खान चौधरी की बेटी मौसम नूर और उनके चचेरे भाई ईशा खान ने कांग्रेस का हाथ थामकर चलने का फैसला किया है. दोनों ने नयी दिल्ली में जयराम रमेश, गुलाम अहमद मीर और बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार की मौजूदगी में राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थाम लिया.
जी हां. जयराम रमेश और गुलाम अहमद मीर ने ये बातें उस वक्त कहीं, जब एबीए गनी खान चौधरी की बेटी मौसम बेनजीर नूर ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देकर नयी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी में वापसी की.
मौसम के पार्टी बदलने पर टीएमसी ने दी तीखी प्रतिक्रिया
मौसम नूर के कांग्रेस में शामिल होते ही राज्य में सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया आयी. तृणमूल ने कहा कि कांग्रेस ने इंडिया ब्लॉक के घटक दल के घर में सेंधमारी की है. अगर उनके घर में इसी तरह सेंधमारी होगी, तो उनको कैसा लगेगा. इस पर जयराम रमेश ने मुस्कुराते हुए कहा- अब लोगों को इंडिया ब्लॉक की याद आ रही है. यह अच्छी बात है.
जयराम रमेश बोले- बंगाल में बदल रहा है राजनीतिक मौसम
मौसम नूर की घर वापसी पर कांग्रेस ने कहा है कि यह बता रहा है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक मौसम बदल रहा है. राज्यसभा की सांसद मौसम नूर का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है. उम्मीद है कि वह मालदा से विधानसभा का चुनाव लड़ सकतीं हैं. नूर ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है. सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ देंगी.

शुभंकर सरकार बोले- काफी दिनों से थे मौसम नूर के संपर्क में
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार कहते हैं कि वे काफी दिनों से मौसम नूर के संपर्क में थे. पार्टी में उनका स्वागत है. कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल में पूरी ताकत के साथ कम कर रही है. उन्होंने यकीन जताया कि मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी से पार्टी को उत्तर बंगाल में मजबूती मिलेगी. मौसम नूर वर्ष 2009 से 2019 तक कांग्रेस पार्टी से मालदा नॉर्थ लोकसभा सीट से 2 बार लोकसभा की सदस्य चुनी गयीं थीं.
गनी खान चौधरी की बेटी हैं मौसम बेनजीर नूर
मौसम नूर कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता गनी खान चौधरी के परिवार से ताल्लुक रखतीं हैं. वह गनी खान की बेटी हैं. वह कहतीं हैं कि बंगाल के लोग, खासकर मालदा के लोग कांग्रेस और उसकी धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधारा में विश्वास करते हैं. वहीं, जयराम रमेश ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता चाहती है कि कांग्रेस और मजबूत हो.
