गिरिडीह. पारसनाथ पहाड़ी/मारंग बुरु को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक-फ्री ज़ोन घोषित करने, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) के सुचारू संचालन तथा मधुबन तीर्थ क्षेत्र में उत्पन्न कचरे के प्रभावी प्रबंधन को लेकर एक उच्च-स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त, गिरिडीह, सुश्री स्मिता कुमारी ने की, जबकि बैठक का संचालन पीरटांड प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा किया गया. पीरटांड प्रखंड में स्थित पारसनाथ पहाड़ी/मारंग बुरु जैन समुदाय, संथाल आदिवासी समुदाय सहित कई धार्मिक समूहों के लिए अत्यंत पवित्र एवं सांस्कृतिक महत्व का स्थल है. यह क्षेत्र पारिस्थितिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है. इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बैठक में पहाड़ी क्षेत्र की पवित्रता, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने हेतु वैज्ञानिक ठोस-तरल कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता व्यवस्था को लागू करने पर विशेष बल दिया गया.
बैठक के दौरान बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-02 के अंतर्गत प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना एवं जलवायु-लचीले जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य (WASH) अवसंरचना का विकास इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इन उपायों से न केवल पवित्र स्थल की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी.
मुख्य निर्देश एवं निर्णय
• उप विकास आयुक्त ने सभी होटल एवं धर्मशाला संचालकों को अपने परिसरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि तरल अपशिष्ट का उपचार कर साफ़ पानी को नदियों एवं तालाबों में गिराया जाये.
• पवित्र पहाड़ी क्षेत्र एवं उसके आसपास ठोस कचरा फेंकने तथा कचरे के ढेर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
• जलवायु-अनुकूल WASH अवसंरचना के विकास पर सहमति बनी, जिसके तहत तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों के लिए सामुदायिक शौचालयों सहित स्वच्छ एवं सुरक्षित स्वच्छता सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
• पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों के लिए स्वच्छता, साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन से संबंधित दिशा-निर्देश तैयार कर उनके व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्णय लिया गया.
• प्लास्टिक पृथक्करण एवं रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने हेतु मधुबन क्षेत्र में बेकार प्लास्टिक बोतलों के संग्रह के लिए ‘बॉटल बैंक’ की स्थापना की गई है.
• होटल, रसोई, सफाई कर्मियों एवं संबंधित स्टाफ के लिए गिला एवं सूखा कचरा के पृथक्करण (Segregation ) से सम्बंधित प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया गया.
• आगामी चरण में पारसनाथ पहाड़ी एवं मधुबन पंचायत क्षेत्र में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया.
इस बैठक में श्री सम्मेद शिखर जी स्वच्छता समिति के प्रतिनिधि, होटल एवं धर्मशाला प्रबंधक, स्थानीय दुकानदार, मधुबन गांव के संथाल आदिवासी समुदाय के सदस्यगण सहित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) एवं UNICEF के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
बैठक में लिए गए सामूहिक निर्णय पारसनाथ पहाड़ी/मारंग बुरु क्षेत्र की पारिस्थितिक अखंडता, धार्मिक पवित्रता एवं जन-स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जिला प्रशासन की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. जिला प्रशासन द्वारा सतत एवं समुदाय-आधारित कचरा प्रबंधन समाधानों को अपनाकर इस पवित्र एवं संवेदनशील क्षेत्र के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.
