धनबाद। महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के पोते अमित आज़ाद सोमवार को धनबाद पहुँचे। हीरापुर स्थित पार्क मार्केट क्षेत्र पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। वे यहाँ राजेश बरनवाल के आवास पर रुके, जहाँ स्थानीय लोगों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। करीब चार साल बाद धनबाद आगमन पर अमित आज़ाद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ की जनता की भावनाओं में आज भी क्रांतिकारियों के प्रति गहरा सम्मान जीवित है।
निरसा में तिरंगा यात्रा और विशेष कार्यक्रम अमित आज़ाद 7 अप्रैल को निरसा के बैजना स्थित महर्षि दयानंद गुरुकुल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक शहीद मंगल पांडेय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
1.60 लाख किलोमीटर की राष्ट्रव्यापी यात्रा मीडिया से बातचीत के दौरान अमित आज़ाद ने अपनी हालिया राष्ट्रव्यापी यात्रा का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अब तक देशभर में 1 लाख 60 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी की है। महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक के इस सफर का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और स्कूली बच्चों को देश के उन महान बलिदानियों के बारे में जागरूक करना है, जिनके योगदान को इतिहास के पन्नों में उतनी जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा:
“देश की आजादी के लिए करीब 7 लाख 23 हजार क्रांतिकारियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। युवाओं को यह समझना चाहिए कि हमारे नायकों के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था और भारत उनकी माँ थी।”
युवाओं के लिए संदेश: ‘टेक्नोलॉजी का सही उपयोग करें’ अमित आज़ाद ने आज के युवाओं को डिजिटल दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक इतिहास को समझने की सलाह दी। उन्होंने अपील की कि युवा मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक मोह से दूरी बनाएं और अपना समय देश के गौरवशाली इतिहास को पढ़ने और समझने में लगाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभक्ति की भावना केवल नारों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन के आचरण में उतारना अनिवार्य है।
