झारखंड के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से बच्चा चोरी की अफवाहों ने उग्र रूप ले लिया है। धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा और राजधानी रांची जैसे इलाकों में महज शक के आधार पर भीड़ ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया। पुलिस की तत्परता से कई लोगों की जान तो बच गई, लेकिन इन घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमुख घटनाएं: जहां अफवाह बनी जान की दुश्मन
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धनबाद (राजगंज): महतोटांड़ गांव में एक अज्ञात युवक को भीड़ ने लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से इतना पीटा कि वह अधमरा हो गया। बीच-बचाव करने आए स्थानीय मुखिया के साथ भी बदसलूकी की गई।
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गिरिडीह (बेंगाबाद): नशे में ससुराल जा रहे एक व्यक्ति और एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पीट दिया।
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धनबाद (बैंकमोड़): होली की बधाई मांग रहे एक ट्रांसजेंडर को ‘बच्चा चोर’ की सोशल मीडिया अफवाह के कारण भीड़ ने घेर कर पीटा।
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रांची (एदलहातू): राजधानी में एक महिला और टोटो चालक समेत तीन लोगों को भीड़ ने निशाना बनाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकाला।
पुलिस की अपील: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चा चोरी की ये सभी खबरें पूरी तरह झूठी और निराधार हैं। अफवाह फैलाने वालों और कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
