गाजियाबाद: हर काम साथ करती थी तीनों बहनें, मौत को भी चुना एक साथ

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गाजियाबाद. गाजियाबाद में मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी से कूदने के बाद तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई. पुलिस एक ऑनलाइन कोरियन गेम की लत संबंधी पहलू की भी जांच मामले में कर रही है. असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (शालीमार गार्डन) अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ये बहनें ऑनलाइन कोरियन ‘लव गेम’ की आदी थीं जो ‘टास्क बेस्ड’ है. बच्चियों के माता-पिता उनके बहुत ज्यादा गेम खेलने पर आपत्ति जताते थे.

कोरियन ‘टास्क-बेस्ड’ गेम में दिए जाते हैं टारगेट

कोरियन ‘टास्क-बेस्ड’ गेम वह गेम है जिसमें खिलाड़ी को टारगेट दिए जाते हैं और उसी से वह गेम आगे बढ़ता है. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस निमिष पाटिल ने बताया कि जांच में पता चला कि लड़कियां कोरियन सामग्री से बहुत अधिक प्रभावित थीं. अपने मोबाइल फोन पर काफी समय बिताती थीं. उन्होंने कहा कि परिवारवालों ने पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिससे वे परेशान थीं और संभवत: इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया.

देर रात दो बजकर 15 मिनट पर पुलिस को मिली सूचना

असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ने बताया कि पुलिस को मंगलवार देर रात दो बजकर 15 मिनट पर सूचना मिली कि साहिबाबाद इलाके में टीला मोड़ थानाक्षेत्र में ‘भारत सिटी’ के एक टावर में नौवीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी से तीन लड़कियों ने छलांग लगा दी है. मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि स्थानीय निवासी चेतन कुमार की तीनों बेटियां निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) जमीन पर गिरी थीं और बुरी तरह से घायल थीं. उन्हें एम्बुलेंस से लोनी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

तीनों बहनें एक साथ करती थीं कुछ भी काम

पुलिस के मुताबिक, बहनें कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन गेम की आदी हो गई थीं. अक्सर लगातार कोरियन गेम खेला करती थीं. तीनों सब कुछ एक साथ करती थीं- नहाने से लेकर खाने तक और सोने से लेकर स्कूल जाने तक. लड़कियां पिछले दो वर्ष से स्कूल नहीं जा रही थीं. पहले भी पढ़ाई में उनका परफॉर्मेंस सेटिस्फाइड नहीं था.

परिवार में पांच भाई-बहन थे

पुलिस ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि मोबाइल फोन और गेमिंग की लत उन्हें कब से थी और जांच शुरुआती दौर में है, लेकिन यह साफ है कि लड़कियां मोबाइल फोन के इस्तेमाल की बहुत अधिक आदी थीं. परिवार में पांच भाई-बहन थे—चार बहनें और एक भाई. पिता ने दो शादियां की थीं. परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते थे. यह घटना देर रात उस समय हुई, जब परिवार के बाकी सदस्य सो चुके थे.

माफ करना पापा, नोट में लिखा

छानबीन के दौरान, पुलिस को लड़कियों की एक डायरी मिली है जिसमें घटना से जुड़ी सामग्री है. अंदर मिले एक नोट में लिखा है, ‘‘इस डायरी में लिखी हर बात पढ़ लेना, सब यहीं है.’’ इसके साथ रोते हुए चेहरे का इमोजी बना था और लिखा था, ‘‘माफ करना पापा, मुझे सच में बहुत अफसोस है.’’

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