जमुई. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत बुधवार, 18 मार्च 2026 को जमुई पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के विकास के लिए 914 करोड़ रुपये की योजनाओं का पिटारा खोल दिया. इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने रिमोट के जरिए कुल 370 विकास योजनाओं का डिजिटल उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिससे जिले की बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है.
करोड़ों की योजनाओं से बदलेगी सूरत:
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लोकार्पण: मुख्यमंत्री ने 602 करोड़ रुपये की लागत वाली 181 तैयार योजनाओं का उद्घाटन किया.
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शिलान्यास: भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 312 करोड़ रुपये की 189 नई परियोजनाओं की नींव रखी गई.
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फोकस एरिया: इन योजनाओं में मुख्य रूप से ग्रामीण सड़कें, पुल-पुलिया, नए स्कूल भवन और स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण शामिल है.
कुंडघाट परियोजना: 18 साल का इंतजार खत्म इस यात्रा का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण ‘कुंडघाट सिंचाई परियोजना’ का लोकार्पण रहा. गौरतलब है कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शिलान्यास स्वयं नीतीश कुमार ने वर्ष 2008 में किया था. करीब 18 वर्षों के लंबे इंतजार और तकनीकी बाधाओं को पार करने के बाद आज यह परियोजना पूरी हुई. इससे जमुई के सूखाग्रस्त इलाकों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिसे क्षेत्र की कृषि समृद्धि के लिए ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है.
जनता से संवाद और समीक्षा: मंच से संबोधन के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास स्टालों का निरीक्षण किया. उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर ‘सात निश्चय-3’ के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति जानी. सम्राट चौधरी ने इस दौरान कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार न्याय के साथ विकास की राह पर तेजी से बढ़ रहा है. कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निष्पादन का भरोसा दिया.
