नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका के बीच खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत भरी जानकारी साझा की है. पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान खाड़ी क्षेत्र से किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है. वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में भारत के 20 जहाज मौजूद हैं, जिन पर सवार सभी 540 भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं.
भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘डीजी शिपिंग’ का DGComm सेंटर 24×7 सक्रिय है. इस केंद्र ने अब तक 98 कॉल और 335 ईमेल के जरिए फंसे हुए लोगों की सहायता की है, जिसकी मदद से 25 भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने में सफलता मिली है. विशेष सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के मैरीटाइम बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी भी छोटे या बड़े बंदरगाह पर भीड़ या अफरा-तफरी की स्थिति नहीं है.
कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति पर असर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्वीकार किया कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल, एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $70 प्रति बैरल से बढ़कर $100 के पार पहुंच गई हैं. चूंकि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 90% हिस्सा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के रास्ते आयात करता है, इसलिए सप्लाई चैन पर दबाव बढ़ा है.
सरकार के महत्वपूर्ण फैसले और वर्तमान स्थिति:
-
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता: सरकार ने कमर्शियल सप्लाई के बजाय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है.
-
उत्पादन में वृद्धि: देश की रिफाइनरियां अपनी क्षमता से अधिक कार्य कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
-
पर्याप्त स्टॉक: भारत के पास अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए फिलहाल ईंधन की कमी का कोई खतरा नहीं है.
-
कीमतों पर नियंत्रण: पड़ोसी देशों में ईंधन की बढ़ती कीमतों के विपरीत, भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है.
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पेट्रोल पंपों पर हो रही भीड़ और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें. सरकार स्थिति पर सूक्ष्मता से नजर बनाए हुए है और आपूर्ति सुचारू रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है.
