गुमला. झारखंड के गुमला जिले से रोजी-रोटी की तलाश में हिमाचल प्रदेश गए एक प्रवासी मजदूर की घर वापसी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान 35 वर्षीय बेनाम उरांव के रूप में हुई है, जिसका शव उत्तर प्रदेश के आगरा के पास रेलवे ट्रैक के किनारे संदिग्ध अवस्था में पाया गया. इस घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और खुशियां मातम में बदल गई हैं.
आखिरी बातचीत और फोन कॉल का खौफ: परिजनों के अनुसार, बेनाम उरांव लंबे समय से हिमाचल प्रदेश में मजदूरी कर रहा था. बीते शुक्रवार को उसने अपनी बहन सुचिता उरांव को फोन कर बड़े उत्साह के साथ बताया था कि वह ट्रेन में बैठ चुका है और जल्द ही घर पहुंच जाएगा. रविवार सुबह जब बहन ने भाई का हाल जानने के लिए दोबारा फोन किया, तो कॉल आगरा पुलिस ने उठाया. पुलिस ने बताया कि बेनाम का शव रेलवे ट्रैक के पास मिला है. आशंका जताई जा रही है कि वह चलती ट्रेन से संतुलन बिगड़ने के कारण गिर गया होगा.
शव लाने की प्रक्रिया शुरू: बेनाम की मौत की खबर सुनते ही गुमला स्थित उसके घर में चीख-पुकार मच गई. परिजन तुरंत गुमला थाना पहुंचे और प्रशासन से शव को झारखंड लाने की गुहार लगाई. थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद श्रम अधीक्षक कार्यालय को सूचित कर दिया गया है और शव को वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
यह घटना एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और सफर के दौरान होने वाले हादसों की ओर ध्यान खींचती है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को सम्मानपूर्वक पैतृक गांव पहुंचाया जाएगा.
