हरिवंश: राष्ट्रपति ने पूर्व उपसभापति हरिवंश को राज्यसभा के लिए किया मनोनीत; रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति से खाली हुई सीट पर मिली जगह

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नई दिल्ली. राज्यसभा के निवर्तमान उपसभापति हरिवंश एक बार फिर उच्च सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया है. हरिवंश का बतौर राज्यसभा सदस्य दूसरा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके तुरंत बाद सरकार ने उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी.

पूर्व CJI रंजन गोगोई की जगह लेंगे हरिवंश

हरिवंश को उच्च सदन में उस रिक्त स्थान को भरने के लिए मनोनीत किया गया है, जो भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद उत्पन्न हुआ था.

  • संवैधानिक प्रावधान: राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (1) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नामांकन किया है.

  • विशेषज्ञता: राज्यसभा में मनोनीत सदस्य साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्तित्व होते हैं.

पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर

हरिवंश मूल रूप से पत्रकारिता जगत का एक बड़ा नाम रहे हैं और राज्यसभा के सदस्य के रूप में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने दो कार्यकाल (12 वर्ष) सफलतापूर्वक पूरे कर चुके हैं.

  • उपसभापति की भूमिका: उन्होंने उच्च सदन के उपसभापति के संवैधानिक पद पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और चर्चाओं का कुशलतापूर्वक संचालन किया है.

  • संसदीय अनुभव: उनके दीर्घकालिक संसदीय अनुभव और निष्पक्ष कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने उन्हें दोबारा सदन में लाने का निर्णय लिया है.

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