हजारीबाग. झारखंड के हजारीबाग जिले में नियुक्त 447 सहायक आचार्य पिछले सात महीनों से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। 2 सितंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद से अब तक इन शिक्षकों को एक भी महीने का वेतन नसीब नहीं हुआ है। आलम यह है कि दशहरा, दिवाली से लेकर होली, ईद और रामनवमी जैसे बड़े त्योहारों में भी इन परिवारों को बिना पैसों के गुज़ारा करना पड़ा।
सबसे अधिक प्रभाव कटकमसांडी प्रखंड में देखा जा रहा है जहाँ सर्वाधिक 36 शिक्षक नियुक्त हैं। शिक्षकों का कहना है कि नया सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन घर में राशन और बीमारों की दवा के लिए भी अब कर्ज लेने की नौबत आ गई है।
वेतन भुगतान में कहाँ फंसा है पेंच? नियमतः वेतन शुरू होने से पहले दो मुख्य प्रक्रियाएं अनिवार्य हैं जो अभी तक अधूरी हैं:
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प्रमाण पत्र सत्यापन: सात महीने बीत जाने के बाद भी शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
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GPF खाता: दस्तावेजों की जांच लंबित होने के कारण शिक्षकों का सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाता भी नहीं खुल सका है।
प्रखंडवार शिक्षकों की संख्या: | प्रखंड | शिक्षक | प्रखंड | शिक्षक | | :— | :— | :— | :— | | कटकमसांडी | 36 | कटकमदाग | 45 | | सदर | 40 | बड़कागांव | 38 | | विष्णुगढ़ | 35 | चौपारण | 34 | | बरकट्ठा | 33 | टाटीझरिया | 28 |
जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आकाश कुमार ने कहा है कि विभाग इस मामले में गंभीर है और वेतन भुगतान से पहले की सभी प्रक्रियाओं को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
