हजारीबाग. हजारीबाग शहर में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ इस वर्ष भी अपनी पारंपरिक भव्यता, अटूट आस्था और अभूतपूर्व उत्साह के साथ संपन्न हुआ. दोपहर बाद शहर के विभिन्न मोहल्लों और अखाड़ों से निकलने वाली भव्य शोभायात्राओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. ‘जय श्रीराम’ और ‘वीर बजरंगबली’ के गगनभेदी उद्घोष से आसमान गूंज उठा, जबकि सड़कों के किनारे लहराते हजारों महावीरी झंडों ने हजारीबाग को पूरी तरह भगवामय कर दिया.
इस वर्ष की शोभायात्रा का विशेष आकर्षण अर्ष कन्या गुरुकुल की छात्राएं रहीं, जिन्होंने सड़क पर अपने हैरतअंगेज साहसिक करतबों और युद्ध कला (Martial Arts) का प्रदर्शन कर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया. उनके आत्मविश्वास, अनुशासन और शौर्य के प्रदर्शन की हर ओर सराहना हो रही है. इसके साथ ही, पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति धुनों पर थिरकते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने उत्सव की रौनक को दोगुना कर दिया.
अंतरराष्ट्रीय पहलवानों का जमावड़ा: हजारीबाग की रामनवमी का एक अन्य मुख्य आकर्षण ‘बड़ा अखाड़ा’ में आयोजित भव्य दंगल प्रतियोगिता रही. इस दंगल में न केवल हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश, बल्कि नेपाल से आए नामी पहलवानों ने भी हिस्सा लिया. अखाड़े की मिट्टी में पहलवानों के बीच हुए कांटे के मुकाबलों और दांव-पेंचों को देखने के लिए हजारों की संख्या में खेल प्रेमी उमड़े, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया.
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पूरे शहर की निगरानी की गई. विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं के बीच शरबत और फल वितरित किए गए, जो आपसी प्रेम और सेवा भाव की एक सुंदर मिसाल पेश कर रहे थे.
