हजारीबाग. झारखंड के बोकारो में 3.15 करोड़ के गबन के बाद अब हजारीबाग जिले में एक बड़ा ट्रेजरी घोटाला सामने आया है. यहाँ पुलिस विभाग के वेतन मद से पिछले 11 वर्षों के दौरान 15.41 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई है. इस वित्तीय अराजकता के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है.
11 साल से जारी थी ‘सैलरी’ की हेराफेरी
वित्त विभाग की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि हजारीबाग पुलिस के अकाउंट सेक्शन में साल 2015 से ही यह खेल चल रहा था.
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कैसे हुई गड़बड़ी: सेवानिवृत्त कर्मियों और उन लोगों के नाम पर वेतन भेजा गया जो विभाग में कार्यरत ही नहीं थे.
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वेतन में खेल: कई कर्मचारियों को उनके निर्धारित वेतन से कहीं अधिक राशि भुगतान की गई.
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OTP सुरक्षा में चूक: सितंबर 2025 तक बिल क्लर्क और निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) दोनों का ओटीपी एक ही मोबाइल नंबर पर आता रहा, जिससे धोखाधड़ी आसान हो गई.
डीसी ने बनाई 4 सदस्यीय जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग डीसी शशि प्रकाश सिंह ने एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की है.
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टीम के सदस्य: अपर समाहर्ता संतोष कुमार सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, डीटीओ बैद्यनाथ कामती और जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी मां देव प्रिया.
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पूछताछ: पुलिस अकाउंट सेक्शन के तीन कर्मियों— शंभु, धीरेंद्र और पंकज से गहन पूछताछ की जा रही है.
वित्त मंत्री का सख्त निर्देश: सभी 33 ट्रेजरी की होगी जांच
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विचार-विमर्श करने की बात कही है.
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बड़ा निर्णय: सरकार ने राज्य की सभी 33 जिला और सब-ट्रेजरी में पिछले वर्षों के दौरान हुई निकासी की जांच कराने का निर्णय लिया है.
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कड़ी चेतावनी: मंत्री ने कहा कि इस तरह की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी.
प्रशासनिक सतर्कता
सचिव प्रशांत कुमार ने राज्य के सभी विभाग प्रमुखों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और एसएसपी/एसपी को पत्र लिखकर कोषागार कार्यों में विशेष सावधानी बरतने और ई-पेमेंट सिस्टम की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं.
ताजा समाचार सारांश (News Summary Update)
हजारीबाग. पुलिस विभाग के वेतन मद में 15.41 करोड़ रुपये के गबन का मामला उजागर हुआ है. यह हेराफेरी पिछले 11 सालों से चल रही थी. डीसी ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की है और तीन अकाउंट कर्मियों से पूछताछ की जा रही है. वित्त मंत्री ने राज्य की सभी ट्रेजरी की जांच के आदेश दिए हैं.
गुमला/सिसई. पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल और ढाबों की आड़ में चल रहे ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. अफीम और गांजा के साथ तीन चर्चित संचालकों— बलराम साहू, उमेश साहू और कमल सिंह को गिरफ्तार किया गया है. कमल सिंह पहले भी पंजाब जेल में रह चुका है.
धनबाद. पूर्वी टुंडी के लटानी गांव में असामाजिक तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रतिमा को साफ कराया और ग्रामीणों को शांत किया. दोषियों की तलाश के लिए क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
