गिरिडीह। जिले में बढ़ती मवेशी चोरी की घटनाओं के खिलाफ सोमवार को पशुपालक समिति गिरिडीह के बैनर तले सैकड़ों पशुपालक सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारी गिरिडीह स्टेडियम में एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी करते हुए परवाटांड़ स्थित समाहरणालय तक पैदल मार्च किया.
वहां उन्होंने उपायुक्त रामनिवास यादव को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जिले में हो रही लगातार मवेशी चोरी की घटनाओं पर कड़े कदम उठाने की मांग की गई.
पशुपालकों ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से गिरिडीह के विभिन्न इलाकों में मवेशियों की चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. इस बाबत पुलिस को कई शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
पशुपालकों का कहना है कि चोरी की वजह से उनका रोज़गार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और वे मानसिक व आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं.
पशुपालक समिति ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मवेशी चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे जिले के सभी खटाल बंद करने को मजबूर होंगे.ऐसे हालात में आम जनता को “रासायनिक दूध” पीने के लिए विवश होना पड़ेगा.समिति ने कहा कि स्थिति नहीं सुधरी तो वे अपने मवेशियों को बेचने को भी मजबूर होंगे.
ज्ञापन के माध्यम से पशुपालकों ने मवेशी चोरी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, और पशुपालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
प्रदर्शन के दौरान बछड़े और मवेशियों के साथ बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
