रांची. रांची जिले के सिल्ली प्रखंड के पतराहातू गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब दिन के उजाले में एक लकड़बग्घा अचानक गांव में घुस आया और इधर-उधर दौड़ने लगा. लकड़बग्घे को देखते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे. शोरगुल के बीच लकड़बग्घा भागते हुए गांव के पास ही आदर्श उच्च विद्यालय के कैंपस में पहुंच गया. बताया जाता है कि लकड़बग्घा स्कूल के एक ऐसे कमरे में जा घुसा, जिसका लंबे समय से उपयोग नहीं हो रहा था. यह संयोग था कि उस समय उस कमरे में कोई भी उस कमरे में मौजूद नहीं था. एक प्रकार से लकड़बग्घा उस कमरे में छुपने का प्रयास कर रहा था.लकड़बग्घे के कमरे में घुसने के बाद स्कूल और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया. डर का मारे कोई भी लोगों ने स्कूल के पास जाने से परहेज किया. लकड़बग्घा करीब तीन घंटे तक उसी कमरे में फंसा रहा. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी. इसके बाद रांची के ओरमांझी स्थित बिरसा जैविक उद्यान से विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया. वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए लकड़बग्घे को सुरक्षित बाहर निकाला और बाद में पिंजरे में डालकर उसे ओरमांझी ले गए.
इसी क्षेत्र से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर कुछ महीने पहले एक बाघ भी गांव के पास पहुंच गया था. जिसे वन विभाग ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया था. बार-बार जंगली जानवरों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है और सभी लोग चिंतित हैं. इस संबंध में सिल्ली के प्रभारी वनपाल जयप्रकाश साहू ने बताया कि लकड़बग्घा पहले गांव में घुसा था और लोगों के खदेड़े जाने के दौरान स्कूल के एक खाली कमरे में चला गया. वन विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद लकड़बग्घे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि जंगली जानवर दिखाई दे तो खुद से कोई कदम न उठाएं और तुरंत विभाग को इसकी सूचना दें.
