रांची. झारखंड में त्योहारों पर डीजे बजाने को लेकर मयखाना, विधानसभा में भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष, मंत्री इरफान अंसारी बोले- ‘किसी ने नहीं लगाई रोक’

झारखंड

रांची. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को रामनवमी, सरहुल और ईद जैसे त्योहारों पर डीजे (DJ) बजाने और जुलूस निकालने को लेकर जमकर हंगामा हुआ. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदन के बाहर पत्रकारों से स्पष्ट किया कि सरकार ने डीजे पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है. उन्होंने कहा, “रामनवमी और ईद पर डीजे हर हाल में बजेगा. मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था, मैंने केवल इसके स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्परिणामों का जिक्र किया था.”

विपक्ष का हमला: ‘धार्मिक उत्सव रोकना गलत’ जुलूस और डीजे के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया:

  • बाबूलाल मरांडी (नेता प्रतिपक्ष): उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक उत्सव को रोकना गलत है. सड़क सार्वजनिक है और किसी संप्रदाय विशेष के डर से जुलूस पर रोक लगाना एक गलत परंपरा की शुरुआत होगी.

  • नीरा यादव (विधायक): उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार जानबूझकर लोगों को परेशान करने वाले निर्णय लेती है. उन्होंने घोषणा की कि वे जनता के साथ मिलकर डीजे बजाकर त्योहार मनाएंगी.

  • निर्मल महतो व रौशन लाल चौधरी: विधायकों ने महूदी में जुलूस पर लगी रोक को हटाने की मांग की और कहा कि सरकार को हर हाल में ऐतिहासिक रामनवमी जुलूस की अनुमति देनी होगी.

सत्ता पक्ष का बचाव: ‘भाजपा फैला रही उन्माद’

  • मंत्री दीपिका पांडेय सिंह: उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा अफवाह और धार्मिक उन्माद फैलाकर राजनीति करना चाहती है. सरकार केवल कोर्ट के आदेशों और सुरक्षा मानकों का ध्यान रख रही है.

  • मंत्री हफिजुल हसन: उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि सुरक्षा और देखभाल के लिए कृतसंकल्पित है.

  • मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू: उन्होंने कहा कि भाजपा के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, इसलिए वह मुद्दाविहीन राजनीति कर रही है.

स्वास्थ्य और सुरक्षा के कड़े निर्देश: इरफान अंसारी ने बताया कि सभी जिलों के सिविल सर्जनों को आदेश दिया गया है कि वे जुलूस के साथ मेडिकल टीम तैनात रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके. वहीं, विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आज स्कूली छात्र भी पहुंचे थे, जहां मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की सबसे पहले सदन पहुंचीं. त्योहारों के साथ-साथ सरकार ने पेयजल संकट को दूर करने के लिए खराब चापाकलों को दुरुस्त करने हेतु फंड जारी करने का भी आश्वासन दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *