गिरिडीह. झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने गिरिडीह जिले का दौरा कर विभिन्न सरकारी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने धनवार प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता जांची और स्पष्ट निर्देश दिया कि खाने की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेविकाओं को कुपोषित बच्चों को उपचार केंद्र भेजने और अंडा न खाने वाले बच्चों को मौसमी फल देने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने राशन डीलरों और कुपोषण उपचार केंद्रों की भी जांच की, जहाँ व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
परिसदन भवन में जिला अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में प्रभारी अध्यक्ष ने झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि भोजन के संकट से जूझ रहे निर्धन व्यक्तियों को बाजार दर पर 10 किलो राशन देने का प्रावधान है, जिसके लिए हर पंचायत में 10 हजार रुपये की राशि उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि राशन कार्डों से मृत और अयोग्य व्यक्तियों के नाम हटाकर पात्र लाभुकों को जोड़ा जाए। इसके अलावा, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी पीडीएस दुकानों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर आयोग का व्हाट्सएप नंबर अंकित करने का आदेश दिया गया ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकें।
