होर्मुज. ईरान और भारत के बीच उच्च स्तरीय बातचीत के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एक भारतीय LPG टैंकर को सुरक्षित निकलने की अनुमति दी गई. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने पिछले हफ्ते इस जहाज को अपनी निगरानी में रास्ता दिखाया. जहाज पर सवार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईरानी नौसेना ने रेडियो संपर्क के जरिए जहाज का नाम, झंडा और क्रू की नागरिकता (सभी भारतीय) जैसी जानकारियां लेने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया. जानकारों का मानना है कि ईरान अब इस समुद्री रास्ते पर “कंट्रोल सिस्टम” लागू कर रहा है, जहां वह केवल अपनी मंजूरी वाले जहाजों को ही सुरक्षा दे रहा है.
इस सख्ती और युद्ध की स्थिति के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर भारी दबाव है. दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जिससे अब तेल, गैस और खाद की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है. गौरतलब है कि यह भारतीय टैंकर करीब 10 दिनों तक पर्शियन गल्फ में फंसा रहा और नाविकों ने आपात स्थिति के लिए लाइफ राफ्ट्स तक तैयार कर ली थीं, जिसके बाद 13 मार्च को उन्हें गुजरने का रास्ता मिला.
