कोलकाता. उत्तर कोलकाता के प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल आरजी कर मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को एक हृदयविदारक घटना घटी। अपने 4 साल के बेटे का इलाज कराने पहुंचे एक व्यक्ति की अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई। विपक्ष ने इसे ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए ममता सरकार को घेरा है।
घटना और लापरवाही के आरोप: परिजनों के अनुसार, लिफ्ट में मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन वहां न कोई सुरक्षा घेरा था और न ही ऑपरेटर। तकनीकी खराबी के कारण युवक लिफ्ट के बीच में बुरी तरह फंस गया। गंभीर हालत में उसे इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और राजनीतिक घमासान:
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भयावह चोटें: रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण पॉलीट्रॉमा (Polytrauma) है। लिफ्ट के भारी दबाव से युवक के सीने, हृदय, फेफड़े और लिवर फट गए थे, साथ ही पसलियां और हड्डियां भी टूट गई थीं।
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विपक्ष का प्रहार: शुभेंदु अधिकारी ने इसे ‘सोची-समझी हत्या’ बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ मुकदमे की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की।
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प्रशासनिक स्वीकारोक्ति: अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष अतिन घोष ने सुरक्षा मानकों में चूक की बात स्वीकार की है। मामले की जांच अब कोलकाता पुलिस के होमिसाइड सेल को सौंप दी गई है।
