पर्यावरण वैज्ञानिक स्वाति नंदी चक्रवर्ती के अनुसार सर्दियों में एयर इनवर्जन की स्थिति बनती है. ठंडी हवा नीचे आकर गर्म हवा से नहीं मिल पाती, जिससे धूल और प्रदूषण के कण सतह के पास ही अटके रहते हैं और स्मॉग ज्यादा दिखाई देता है. नमी कम होने और पटाखों से निकले कणों के कारण पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ गया है.
साल के पहले दिन कोलकाता की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गयी. नववर्ष के स्वागत में पटाखा फोड़ने और छुट्टियों के कारण बढ़े ट्रैफिक से शहर के लगभग सभी हिस्सों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा. पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शहर के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता इंडेक्स 300 के पार दर्ज किया गया.
जादवपुर में सबसे खराब स्थिति
पीएम 2.5 के संदर्भ में सबसे ज्यादा एक्यूआइ जादवपुर में 380 रिकॉर्ड किया गया. विधाननगर में 353 और बालीगंज में 361 एक्यूआइ दर्ज हुआ. इसके अलावा फोर्ट विलियम में 321, रवींद्र भारती में 348, विक्टोरिया मेमोरियल में 343 और रवींद्र सरोवर में 310 एक्यूआइ रिकॉर्ड किया गया.
दोपहर तक भी नहीं सुधरी हवा
जादवपुर में एक्यूआइ 317
बोर्ड के मुताबिक गुरुवार दोपहर तीन बजे तक भी शहर के ज्यादातर हिस्सों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही. जादवपुर में एक्यूआइ 317, फोर्ट विलियम में 235, विक्टोरिया मेमोरियल में 283, रवींद्र भारती में 234, रवींद्र सरोवर में 214, बालीगंज में 235 और विधाननगर में 306 दर्ज किया गया.
एक्यूआइ की श्रेणियां और उनका असर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि शून्य से 50 तक एक्यूआइ अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब, 401 से 450 भयानक और 450 से ऊपर बहुत भयानक माना जाता है. इस पैमाने के अनुसार जादवपुर में दर्ज 380 एक्यूआइ बहुत खराब श्रेणी में आता है. ऐसी हवा में लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं और बुजुर्गों व बच्चों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है.
वैज्ञानिकों की चेतावनी
पर्यावरण वैज्ञानिक स्वाति नंदी चक्रवर्ती के अनुसार सर्दियों में एयर इनवर्जन की स्थिति बनती है. ठंडी हवा नीचे आकर गर्म हवा से नहीं मिल पाती, जिससे धूल और प्रदूषण के कण सतह के पास ही अटके रहते हैं और स्मॉग ज्यादा दिखाई देता है. नमी कम होने और पटाखों से निकले कणों के कारण पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ गया है. उन्होंने बुजुर्गों, बच्चों और सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी.
