नई दिल्ली/दुबई. इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को ठप कर दिया है. जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) की 6 मार्च की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इस संकरे समुद्री रास्ते से एक भी तेल टैंकर नहीं गुजरा है, जबकि यहाँ से दुनिया का 20% तेल सप्लाई होता है. ड्रोन और मिसाइल हमलों के डर से शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाज रोक दिए हैं, जिसके कारण ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे ‘खतरनाक न्यू नॉर्मल’ बताते हुए वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता जताई है. भारत के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर है क्योंकि देश की तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग पर निर्भर है. यदि यह संकट लंबा चला, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर के पार जा सकती हैं, जिससे भारत में महंगाई का बड़ा झटका लगना तय है.
