गिरिडीह. रोजगार के लिए गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबाडीह गांव निवासी तिलक महतो के 26 वर्षीय पुत्र राकेश महतो पिछले वर्ष अगस्त 2025 को KEC कंपनी में काम करने के लिए अबू धाबी गए थे. जहां पिछले 23 फरवरी 2025 को छत से गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया है. जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. KEC कंपनी वाले सही से जानकारी नहीं देने की वजह से परिवार के लोगों को शक है कि कोई अप्रिय घटना हुई है और उन्हें सही जानकारी जानबूझकर नहीं दी जा रही है. मेरे परिवार वालों को होने की आशंका सता रही है. परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल है. पत्नी रीना देवी अपनी सात माह की बेटी रिया कुमारी के भविष्य को लेकर परेशान है. राकेश महतो की केसिया देवी का कहना है कि अगर मेरे बेटे को कुछ हो गया तो बहू और बच्ची का भविष्य क्या होगा. अब दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो गया है. बूढ़े माता-पिता अपने बेटे को याद करके रोते हैं. अभिभावक एकता मंच के अध्यक्ष रामेश्वर महतो के माध्यम से सूचना मिलते ही प्रवासी हित में काम करने वाले सिकन्दर अली उनके घर पहुंच कर परिवार वालों को मदद का भरोसा दिलाया और उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का मुख्य मुद्दा पलायन और प्रवासी मजदूरों की समस्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक झारखंड के युवा रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में जाते रहेंगे. सरकार को चाहिए कि राज्य में ही रोजगार की ठोस व्यवस्था करे, ताकि मजदूरों को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़े.
