मुर्शिदाबाद. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच मुर्शिदाबाद का रघुनाथगंज और जंगीपुर इलाका सांप्रदायिक तनाव की चपेट में है. रामनवमी शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद शनिवार को पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है. भारी पुलिस बल और केंद्रीय बलों (CAPF) की तैनाती के बावजूद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. पुलिस ने अब तक 30 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है, जबकि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए जंगीपुर और रघुनाथगंज की गलियों में ‘रूट मार्च’ किया.
विवाद की शुरुआत रघुनाथगंज के मैकेंजी पार्क के पास हुई, जहाँ शोभायात्रा के दौरान तेज संगीत बजाने को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई. उपद्रवियों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ की, जिससे बाजार पूरी तरह बंद हो गए. जंगीपुर उपमंडल अस्पताल में एम्बुलेंस और मरीजों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने विशेष सुरक्षा घेरा बनाया है.
राजनीतिक घमासान और आरोप-प्रत्यारोप: सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस हिंसा के लिए चुनाव आयोग द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल और भाजपा की ‘नफरत वाली राजनीति’ को जिम्मेदार ठहराया है.
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TMC का दावा: पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुख्य सचिव और डीजीपी जैसे बड़े अधिकारियों को हटाए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है. उन्होंने इसे बंगाल की संस्कृति और भाईचारे को खत्म करने की साजिश करार दिया.
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सुरक्षा का हाल: नदी के दोनों किनारों पर बसे इन शहरों के चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बल तैनात हैं. पुलिस गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि हिंसा के पीछे की गहरी साजिश का पता लगाया जा सके.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और स्थिति नियंत्रण में है. हालांकि, स्थानीय बाजारों के बंद होने से आम जनता को दैनिक वस्तुओं के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
