नई दिल्ली. NIA का बड़ा ऑपरेशन: अमेरिकी फिल्ममेकर मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूके्रनी नागरिक गिरफ्तार, पूर्वोत्तर सीमा पर ‘ड्रोन वॉरफेयर’ ट्रेनिंग का खुलासा

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नई दिल्ली. भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक अत्यंत गोपनीय और बड़े आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत 13 मार्च को सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. इनमें सबसे प्रमुख नाम चर्चित अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक (Matthew VanDyke) का है, जो खुद को एक डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और ‘फ्रीडम फाइटर’ बताता है. वैनडाइक के साथ छह यूक्रेनी नागरिकों को भी पकड़ा गया है. पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने इन सभी आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 11 दिनों की NIA हिरासत में भेज दिया है.

कैसे हुआ खुलासा और क्या हैं आरोप? NIA की जांच के अनुसार, ये सभी विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन इनका असली मकसद भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था.

  • अवैध प्रवेश: ये लोग बिना ‘रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट’ (RAP) और ‘इनर लाइन परमिट’ (ILP) के मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में दाखिल हुए.

  • ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग: आरोप है कि वैनडाइक और उसके साथियों ने म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र संगठनों (EAGs) से संपर्क साधा. वे इन विद्रोही गुटों को आधुनिक ड्रोन संचालन, असेंबली और जैमिंग तकनीक का प्रशिक्षण दे रहे थे.

  • हथियारों की तस्करी: जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन भारत के रास्ते म्यांमार पहुंचा रहा था. इन संगठनों के तार भारत के पूर्वोत्तर में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी गुटों से भी जुड़े होने का संदेह है.

कौन है मैथ्यू वैनडाइक? 46 वर्षीय वैनडाइक एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना-पहचाना चेहरा है, जो लीबिया और सीरिया जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में विद्रोहियों के साथ लड़ने और उनकी मदद करने के लिए चर्चा में रहा है. NIA ने उसे कोलकाता हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया, जबकि अन्य यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ से पकड़ा गया.

अंतरराष्ट्रीय साजिश की बू: यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मार्च 2025 में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने चेतावनी दी थी कि विदेशी भाड़े के सैनिक मिजोरम के रास्ते म्यांमार जा रहे हैं. वहीं, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी पूर्वोत्तर भारत और म्यांमार के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक अलग देश बनाने की विदेशी साजिश का आरोप लगाया था. NIA अब इन सातों आरोपियों के स्थानीय संपर्कों और उनके मोबाइल डेटा के जरिए इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जड़ें तलाशने में जुटी है.

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