Pappu Yadav: बिहार की सियासत में शुक्रवार की रात किसी हाई-वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं रही. पूर्णिया के दबंग सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब पूरा शहर सोने की तैयारी कर रहा था, लेकिन मंदिरी स्थित उनके आवास पर भारी पुलिस बल की तैनाती ने हलचल बढ़ा दी.
यह गिरफ्तारी किसी ताजा मामले में नहीं, बल्कि साल 1995 के एक पुराने विवाद को लेकर हुई है, जिसने अब सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है.
दो घंटे की तनातनी के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस की टीम रात करीब 9.45 बजे पप्पू यादव के उत्तरी मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची थी. गिरफ्तारी वारंट दिखाने की मांग को लेकर समर्थक अड़ गए, जिस पर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट का आदेश दिखाया. इसके बाद गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई.
स दौरान सांसद ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही, जिसके बाद पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस लेकर गई.
गाड़ी में बैठते ही भावुक हुए सांसद, सड़क पर लेटे समर्थक
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस पप्पू यादव को स्कॉर्पियो वाहन में बैठाकर ले जाने लगी, तो वे भावुक हो गए और लड़खड़ाते नजर आए. यह दृश्य देखते ही समर्थकों का आक्रोश और बढ़ गया. कई समर्थक पुलिस गाड़ी के सामने आकर सड़क पर लेट गए और नारेबाजी शुरू कर दी.
हालात को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. अंततः भारी सुरक्षा के बीच पुलिस उन्हें लेकर आईजीआईएमएस रवाना हुई.
क्या है 31 साल पुराना मामला
पुलिस के मुताबिक यह मामला गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/95 से जुड़ा है. शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखाधड़ी के जरिए किराये पर लिया गया और बाद में उसे पप्पू यादव के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया.
मामले में लंबे समय से अदालती कार्यवाही चल रही थी. हाल ही में एमपी-एमएलए कोर्ट ने संपत्ति कुर्की का आदेश भी जारी किया था. कोर्ट के समन के बावजूद उपस्थिति नहीं होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया.
‘कोर्ट का सम्मान करने दिल्ली से पटना आया’
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने कहा कि वे लोकसभा सत्र में शामिल होने के बाद कोर्ट के सम्मान में दिल्ली से पटना पहुंचे हैं. उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और दावा किया कि वे नीट छात्रा के मामले में संघर्ष कर रहे हैं, जिससे कुछ लोग उनसे डर गए हैं.
आईजीआईएमएस में मेडिकल जांच के दौरान सिटी एसपी मध्य भानु प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस वारंट के आधार पर किसी भी समय गिरफ्तारी कर सकती है. उन्होंने कहा कि सांसद की दवाइयां और एक केयरटेकर साथ रखे गए हैं और मेडिकल प्रक्रिया के बाद उन्हें थाने ले जाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा. हत्या की साजिश के आरोपों पर एसपी ने कहा कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है.
