पटना. बिहार राज्यसभा चुनाव में ‘खेला’ की सुगबुगाहट, वोटिंग के बीच कांग्रेस और आरजेडी के 4 विधायक गायब, पांचवीं सीट पर फंसा पेंच

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पटना. बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार (16 मार्च) को हो रही वोटिंग के दौरान सियासी ड्रामा अपने चरम पर पहुंच गया है. विधानसभा परिसर में जारी मतदान के बीच महागठबंधन के 4 विधायकों के अब तक वोट डालने नहीं पहुंचने से ‘खेला’ होने की अटकलें तेज हो गई हैं. इनमें कांग्रेस के 3 और आरजेडी का 1 विधायक शामिल है, जिनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है. इस बीच एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपना मतदान पूरा कर लिया है.

कौन हैं ‘नॉट रिचेबल’ विधायक? दोपहर 2:30 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी खेमे के निम्नलिखित विधायक अब तक वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे हैं:

  1. मनोज विश्वास: कांग्रेस विधायक (अररिया, फारबिसगंज)

  2. सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा: कांग्रेस विधायक (बगहा, वाल्मीकिनगर)

  3. मनोहर प्रसाद: कांग्रेस विधायक (मनिहारी) – इनके विधानसभा पहुंचने की सूचना है लेकिन अब तक वोट नहीं डाला है.

  4. फैसल रहमान: आरजेडी विधायक (ढाका, पूर्वी चंपारण)

पांचवीं सीट का दिलचस्प गणित: बिहार की 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं. 4 सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों—नीतीश कुमार (JDU), रामनाथ ठाकुर (JDU), नितिन नवीन (BJP) और शिवेश कुमार (BJP)—की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है. असली लड़ाई पांचवीं सीट के लिए उपेंद्र कुशवाहा (NDA) और अमरेंद्र धारी सिंह (RJD) के बीच है.

  • जीत के लिए जरूरी वोट: 41 प्रथम वरीयता के वोट.

  • आरजेडी की स्थिति: एआईएमआईएम (AIMIM) के समर्थन के बावजूद आरजेडी उम्मीदवार को अभी भी 6 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है.

  • NDA की रणनीति: यदि विपक्षी विधायकों की अनुपस्थिति या क्रॉस-वोटिंग होती है, तो एनडीए के पांचवें उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा की राह आसान हो जाएगी.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे भाजपा द्वारा फैलाई गई अफवाह बताया है, जबकि भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने चुटकी लेते हुए कहा कि “कांग्रेस की स्थिति ऐसी है कि उनके विधायक ही नजर नहीं आ रहे.” वोटिंग शाम 4 बजे तक चलेगी और शाम 5 बजे से गिनती शुरू होगी, जिसके बाद बिहार की पांचों सीटों की तस्वीर साफ हो जाएगी.

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