पतरातू (रामगढ़). झारखंड के रामगढ़ जिले अंतर्गत पतरातू प्रखंड की हेसला पंचायत में सोमवार को पीटीपीएस (PTPS) की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने की सुगबुगाहट से माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और कॉलोनी वासी सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
जियाडा को सौंपी गई है जमीन, उद्योग के लिए आवंटन विवाद की मुख्य जड़ पीटीपीएस पावर प्लांट के बंद होने के बाद खाली हुई जमीन है। सरकार ने इस बेशकीमती भूमि को झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) को सौंप दिया है। जियाडा ने इस जमीन का बड़ा हिस्सा निजी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित कर दिया है। इसी आवंटन के बाद अब आवासीय परिसरों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसका स्थानीय लोग पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
कोर्ट की रोक का दावा बनाम प्रशासन की तैयारी पटेल चौक पर जुटे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामला न्यायालय में है और कोर्ट ने फिलहाल बेदखली की प्रक्रिया पर रोक लगा रखी है। दूसरी ओर, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि उन्हें अब तक स्थगन (Stay Order) से संबंधित कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। इसी कानूनी पेच और संवाद की कमी के कारण लोग किसी भी कीमत पर घर खाली न करने की जिद पर अड़े हैं।
प्रशासनिक हलचल और अलर्ट क्षेत्र में बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर नहीं पहुँचे हैं, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बैकअप तैयार रखा गया है। स्थानीय निवासी पटेल चौक पर डटे हुए हैं और प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
