पतरातू. झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र में शुक्रवार शाम प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला. अचानक आए भीषण आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. तेज हवाओं के चलते दर्जनों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र की बिजली, पानी और संचार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
पतरातू थाना के समीप एक विशाल पेड़ विद्युत तारों सहित सड़क पर गिर गया, जिससे घंटों तक आवागमन बाधित रहा. स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए जेसीबी मशीन की मदद से पेड़ को हटवाया, जिसके बाद आंशिक रूप से यातायात बहाल हो सका. हालांकि, सड़कों पर गिरे मलबे और टूटे तारों के कारण राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
नुकसान का विवरण:
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आशियाने हुए क्षतिग्रस्त: कोतो पंचायत में आंधी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. यहां गंगा महली, हीरामणि देवी, सुनीता देवी और शिवचरण मुंडा के घरों के एस्बेस्टस के छप्पर हवा में उड़ गए, जिससे इन गरीब परिवारों को भारी आर्थिक क्षति हुई है.
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धार्मिक आयोजन प्रभावित: रामनवमी के उपलक्ष्य में अखाड़े के पास बनाया गया भव्य तोरण द्वार भी तेज हवाओं के झोंके नहीं सह सका और पूरी तरह ध्वस्त हो गया. इससे पूजा समिति की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है.
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ब्लैकआउट की स्थिति: शुक्रवार रात से ही पूरे पतरातू क्षेत्र में बिजली गुल है. बिजली न रहने से जलापूर्ति ठप हो गई है और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से लोगों का संपर्क एक-दूसरे से कट गया है.
प्रशासनिक कार्रवाई और चेतावनी: स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं. गिरे हुए पेड़ों को हटाने और बिजली के तारों को जोड़ने का काम जारी है ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य की जा सके. प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे गिरे हुए बिजली के तारों के पास न जाएं और खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही रहें. मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों में फिर से गर्जन और तेज हवाओं की संभावना जताई है, जिसे देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
