गढ़वा. झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान गुरुवार की शाम एक बार फिर भारी तनाव व्याप्त हो गया. कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास जब दो पक्ष आमने-सामने आए, तो विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से तीखी बहस के बाद पथराव शुरू हो गया. इस घटना में हिंदू समुदाय के कई लोगों को चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया. स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तीन आंसू गैस के गोले दागे गए.
तनाव की शुरुआत बुधवार को महावीर पताका स्थापित करने को लेकर हुए विवाद से हुई थी, जिसके विरोध में गुरुवार सुबह भी करीब छह घंटे तक सड़क जाम रहा था. हालांकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को हटाकर स्थिति संभालने की कोशिश की थी, लेकिन शाम को दोबारा जुलूस निकलने पर माहौल फिर से बिगड़ गया. रंका इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम मिश्रा और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मोर्चा संभाला और शांति बनाए रखने की अपील की. वर्तमान में पूरे क्षेत्र को अति-संवेदनशील घोषित कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं.
घटना के दौरान कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार और लाठी चलाने का भी गंभीर आरोप सामने आया है, जिससे मीडिया जगत में गहरा आक्रोश है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी गई है. फिलहाल रमकंडा में पुलिस गश्त जारी है और प्रशासन स्थिति पर सूक्ष्मता से नजर बनाए हुए है.
