सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस की बदहाली. खराब फ्रीजर और गंदगी के बीच शव रखने को मजबूर परिजन

झारखंड

चतरा: जिला मुख्यालय स्थित चतरा सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है. यहां शव रखने वाला डीप फ्रीजर लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण शवों से उठने वाली दुर्गंध ने अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का जीना मुहाल कर दिया है. गुरुवार को आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया.

शव के साथ रातभर दुर्गंध में रहने की मजबूरी

गिद्धौर प्रखंड के बारीसाखी पंचायत के उप मुखिया विकास पांडेय ने बताया कि सड़क दुर्घटना में मृत एक युवक के शव को अस्पताल लाया गया था, जिसे रातभर बिना फ्रीजर के रखना पड़ा. फ्रीजर काम न करने के कारण शव से उठती तीव्र दुर्गंध ने वहां मौजूद वीरेंद्र यादव, सुशांत कुमार और अन्य लोगों को नाराजगी जताने पर मजबूर कर दिया. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल फ्रीजर की मरम्मत और कचरा प्रबंधन में सुधार की मांग की है.

मुख्य रास्ते से शव ले जाने से बढ़ती है परेशानी

अस्पताल की एक बड़ी समस्या यह भी है कि पोस्टमार्टम हाउस तक जाने के लिए कोई अलग रास्ता नहीं है. शवों को उसी मुख्य मार्ग से ले जाया जाता है जहाँ से मरीज गुजरते हैं. इससे अक्सर अस्पताल परिसर में असहज स्थिति और अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है.

“फ्रीजर सप्लाई करने वाली एजेंसी को खराबी की सूचना दे दी गई है. उम्मीद है कि होली के बाद इसे ठीक कर लिया जाएगा. पोस्टमार्टम हाउस के लिए अलग सड़क बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है.” — डॉ पंकज कुमार, अस्पताल उपाधीक्षक

मुख्य समस्याएं:

  • खराब फ्रीजर: शीत भंडारण न होने से शवों में तेजी से सड़न और दुर्गंध पैदा हो रही है.

  • गंदगी का अंबार: पोस्टमार्टम हाउस के आसपास मेडिकल वेस्ट और कचरा इधर-उधर बिखरा पड़ा है.

  • रास्ते का अभाव: मरीजों के बीच से शव ले जाने के कारण संक्रमण और मानसिक परेशानी का डर बना रहता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *