रांची: झारखंड सरकार की डिजिटल क्रांति; एआई और डेटा साइंस से लैस होगा ‘सीएम-डिप’ प्लेटफॉर्म, विकास कार्यों की होगी लाइव मॉनिटरिंग

झारखंड

रांची. झारखंड सरकार राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट सत्र के दौरान ‘चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ (CM-DIP) की घोषणा की है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस पर आधारित होगा. इस प्लेटफॉर्म का मूल मंत्र ‘एक प्लेटफॉर्म, एक सत्य और एक कमांड व्यू’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों के आंकड़ों को एकीकृत करना है. इससे नेतृत्व को योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझने और त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने में अभूतपूर्व सहायता मिलेगी.

यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर टिका होगा: पहला ‘इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स’, जिसके जरिए बड़े निर्माण कार्यों की रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी; दूसरा ‘इन्वेस्टमेंट पाइपलाइन’, जो निवेश समझौतों और परियोजनाओं की स्वीकृति पर नजर रखेगा; और तीसरा ‘वेलफेयर स्कीम्स’, जिससे सरकारी योजनाओं के लाभुकों तक पहुंच और सेवा की गुणवत्ता का सीधा मूल्यांकन संभव होगा. इसके अतिरिक्त, सीएम-डिप में आठ विशेष डैशबोर्ड प्रस्तावित हैं, जो जिला, विभाग और नीतिगत स्तर पर अधिकारियों को उनकी भूमिका के अनुसार आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे.

[Infographic: Jharkhand Government’s 3 Pillars of Digital Governance]

पुरानी व्यवस्थाओं की विफलता से सबक: गौरतलब है कि वर्ष 2013-14 में फाइलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए ‘फाइल ट्रैकिंग सिस्टम’ (e-Office) शुरू किया गया था, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी कई विभागों में फिजिकल फाइलों पर निर्भरता बनी हुई है. इसी कमी को दूर करने के लिए अब एआई-आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है. इसमें स्मार्ट अलर्ट सिस्टम और लाभुकों से सीधा फीडबैक लेने जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.

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