रांची. भारत भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विनय पत्राले अपने तीन दिवसीय झारखंड दौरे के पहले चरण में राजधानी रांची पहुंचे. इस अवसर पर रांची के होटल ग्रीन एकड़ में प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों और पूर्व सैनिकों के साथ एक विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की पहल भारत भारती झारखंड के कार्यकारी अध्यक्ष वेटरन डॉ. अनिरुद्ध सिंह ने की. मुख्य वक्ता के रूप में विनय पत्राले ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के सार्द्ध शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि रांची जैसे शहर ‘लघु भारत’ का स्वरूप हैं, जहां विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं.
पत्राले ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए विभिन्न समुदायों के बीच भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक तालमेल होना अनिवार्य है. उन्होंने सुझाव दिया कि हमें सिख गुरुओं, विशेषकर गुरु तेग बहादुर जी के बलिदानों को याद करते हुए गुरुद्वारों में जाकर ‘हिंद की चादर’ अभियान में भागीदारी करनी चाहिए. साथ ही, उन्होंने ‘वंदे मातरम’ गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर इसे मूल रूप में कंठस्थ करने और राष्ट्रगान की भांति सम्मान देने का आह्वान किया.
गोष्ठी में आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, वनवासी कल्याण केंद्र और पूर्व सैनिक सेवा परिषद के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हुए. इनमें चंद्रकांत रायपत, किशोर मंत्री, ब्रिगेडियर बी.जी. पाठक, अरुण कुमार बुधिया और विजय मुंडा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन जमशेदपुर से आए वेटरन सुशील कुमार सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
