कोलकाता. पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की पूरक सूची जारी होने के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पार्टी ने आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया है कि आयोग की ‘आपराधिक लापरवाही’ के कारण राज्य में भय और चिंता का माहौल है, जिससे अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है. टीएमसी ने चेतावनी दी है कि यदि इस अव्यवस्था के कारण एक भी और निर्दोष जीवन प्रभावित होता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की होगी. पार्टी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया है कि क्या आयोग इन टाली जा सकने वाली त्रासदियों और मतदाताओं के मानसिक आघात की जिम्मेदारी लेगा.
पूरक सूची के प्रकाशन के बाद उत्तर 24 परगना के बसीरहाट में भारी हंगामा देखने को मिला, जहां एक विशेष बूथ के सभी 340 विचाराधीन नाम सूची से गायब मिले. इस घटना से स्थानीय मतदाता और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) भी दंग हैं, जिनका स्वयं का नाम भी सूची में नहीं है. बीएलओ शफीउल आलम के अनुसार, उनके बूथ के 952 मतदाताओं में से 340 नाम जानबूझकर हटाए गए प्रतीत होते हैं. इसके अतिरिक्त, राज्य की राजनीति के दो बड़े चेहरों, अभिषेक बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के नाम भी वर्तमान वैध मतदाता सूची में नहीं दिखने से हड़कंप मचा हुआ है. टीएमसी ने इसे ‘वैनिश कमीशन’ की साजिश करार देते हुए कहा है कि तकनीकी गड़बड़ी के नाम पर जानबूझकर मतदाताओं में दहशत फैलाई जा रही है.
