सरायकेला. झारखंड के सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर स्थित बुरूडीह गांव में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ. एक तेज रफ्तार अनियंत्रित हाइवा सड़क किनारे लगे लोहे के बिजली के खंभे को उखाड़ते हुए सीधे एक रिहायशी घर में जा घुसा. गनीमत यह रही कि बिजली के खंभे से टकराने के कारण हाइवा की गति कम हो गई, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया.
नींद में थे घरवाले, मची अफरा-तफरी
हादसे के वक्त घर के सभी सदस्य अंदर सो रहे थे. टक्कर इतनी जोरदार थी कि घर की दीवार और बाहरी हिस्से का शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घर के भीतर सो रहे लोग बाल-बाल बच गए, लेकिन अचानक हुई जोरदार आवाज और झटके से पूरे परिवार और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाइवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि ड्राइवर का उस पर से नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका था.
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मुख्य सड़क जाम
घटना से आक्रोशित बुरूडीह के ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार सुबह मुख्य सड़क पर उतर आए. ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई है.
पुलिस की समझाइश और मालिक का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही खरसावां पुलिस की टीम मौके पर पहुँची. पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया.
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समझौता: हाइवा के मालिक ने मौके पर पहुँचकर दुर्घटना में हुए नुकसान की पूरी भरपाई करने का लिखित आश्वासन दिया.
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यातायात: मालिक के आश्वासन और पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका.
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर रोक की मांग
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरायकेला-खरसावां मार्ग पर चलने वाले भारी वाहनों की नियमित जांच की जाए. ग्रामीणों का कहना है कि:
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भारी वाहन अक्सर ओवरलोड होते हैं, जिससे उनके अनियंत्रित होने का खतरा रहता है.
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रिहायशी इलाकों में भी वाहनों की गति सीमा का पालन नहीं किया जाता.
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परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के खिलाफ विशेष अभियान चलाना चाहिए.
