नई दिल्ली/कोलकाता. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मदद से लश्कर-ए-तैबा के खूंखार आतंकवादी सब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया है. सब्बीर 22 जनवरी 2002 को कोलकाता में हुए अमेरिकन सेंटर हमले का लॉजिस्टिक मास्टरमाइंड रहा है. वह लंबे समय से बांग्लादेश में छिपकर पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर भारत विरोधी नेटवर्क चला रहा था.
आतंकी प्रोफाइल और गतिविधियां:
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प्रशिक्षण: सब्बीर ने पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद स्थित लश्कर के ‘दौरा-ए-आम’ और ‘दौरा-ए-खास’ शिविरों में आतंकी ट्रेनिंग ली थी.
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इतिहास: उसे पहली बार 2007 में AK-47 और ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था. 2018 में तिहाड़ जेल से जमानत पर छूटने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था.
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भूमिका: वह आफताब अंसारी और आसिफ रजा खान के नेटवर्क का हिस्सा था. उसका मुख्य काम सीमा पार से हथियारों की सप्लाई करना और हवाला के जरिए टेरर फंडिंग का प्रबंधन करना था.
कैसे हुई गिरफ्तारी? हाल ही में दिल्ली और दक्षिण भारत में लश्कर के कई गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया इनपुट मिला कि मुख्य सरगना सब्बीर भारत में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है. सोमवार को स्पेशल सेल ने जाल बिछाकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया. पुलिस अब उससे पूछताछ कर भारत में छिपे उसके अन्य ‘स्लीपर सेल्स’ और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नेटवर्क का पता लगा रही है.
