झारखंड में मौसम का तांडव: 17 जिलों में ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’; 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानें अगले 48 घंटों का हाल

झारखंड

रांची. झारखंड में एक बार फिर कुदरत का मिजाज बिगड़ गया है. राज्य के कई हिस्सों में कल हुई बारिश के बाद मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए भारी चेतावनी जारी की है. 8 अप्रैल को राज्य के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं, गर्जन और वज्रपात के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना है. इसे देखते हुए मौसम केंद्र ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

इन 17 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ (8 अप्रैल)

मौसम विभाग के अनुसार, निम्नलिखित जिलों में ओलावृष्टि के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चल सकती है:

  • संथाल परगना: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर और जामताड़ा.

  • कोयलांचल व मध्य झारखंड: धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ और राजधानी रांची.

  • कोल्हान व दक्षिण झारखंड: खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां.

9 अप्रैल को कैसा रहेगा मौसम? (येलो अलर्ट)

बुधवार, 9 अप्रैल को भी राहत मिलने की उम्मीद कम है. विभाग ने गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी और कोल्हान के जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा रह सकती है.

फसलों और मवेशियों को बड़े नुकसान की आशंका

ओलावृष्टि के कारण बागवानी (खासकर आम और लीची) और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँच सकता है. खुले स्थानों पर रहने वाले मवेशियों और कच्चे मकानों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.

सुरक्षा के लिए ‘डॉस और डोंट्स’ (Do’s & Don’ts)

मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:

  • सुरक्षित स्थान: वज्रपात के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें. पक्के मकानों के अंदर रहें.

  • घर की सुरक्षा: खिड़की और दरवाजे बंद रखें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने से बचें.

  • यात्रा: खराब मौसम के दौरान लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें.

  • पशुधन: ओलावृष्टि शुरू होने से पहले ही जानवरों को छायादार और सुरक्षित स्थान पर ले जाएं.

झारखंड मौसम विभाग की चेतावनी: “आगामी दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर मध्यम से तेज दर्जे की वर्षा होगी. वज्रपात से जान-माल की हानि की आशंका है, अतः विशेष सावधानी बरतें.”

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