भारत सरकार. भारत सरकार के 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए बजट 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में पेश किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना 9वां बजट पेश किया. इस बजट को सरकार ने युवाओं को समर्पित किया है. साथ ही सरकार ने अपने तीन कर्तव्य भी घोषित किए हैं, जिसमें से एक लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है. इसके मद्देनजर लोगों की किन चीजों पर कितना कम खर्च करना होगा और किस पर लोगों की जेब ज्यादा ढीली होगी. आइए समझते हैं.
सरकार ने पिछले बजट में विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी थी. पहले अगर कोई छात्र एजुकेशन लोन लेकर विदेश पढ़ने जाता था, तो उस पैसे को बाहर भेजते समय TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) देना पड़ता था. अब मान्यता प्राप्त बैंक या संस्था से लिया गया एजुकेशन लोन विदेश भेजने पर TCS नहीं लगेगा. यानी पढ़ाई का खर्च थोड़ा सस्ता हो गया. इसके अलावा, LRS (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम) के तहत विदेश पैसे भेजने की जो टैक्स-फ्री सीमा है, उसे भी बढ़ा दिया गया है.
पहले एक व्यक्ति साल में ₹7 लाख तक बिना TCS के भेज सकता था, अब यह सीमा बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है. सरल शब्दों में समझें तो अब परिवार अपने बच्चों की विदेश में पढ़ाई, इलाज या जरूरी खर्चों के लिए पहले से ज्यादा पैसा बिना अतिरिक्त टैक्स कटे भेज सकते हैं. सरकार का मकसद है कि विदेश में पढ़ाई को थोड़ा किफायती बनाना, मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ने वाला अचानक टैक्स का बोझ कम करना और छात्रों के लिए ग्लोबल एजुकेशन के रास्ते आसान करना.
दवाइयों के दाम में भी राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने आने वाले पाँच वर्षों के लिए ₹10,000 करोड़ की राशि निर्धारित की है. सरकार के इस ऐलान से कुछ जरूरी दवाएं सस्ती होंगी. खास तौर पर शुगर (डायबिटीज) और कैंसर की दवाओं के दाम कम हो सकते हैं. इससे मरीजों और उनके परिवारों पर इलाज का खर्च थोड़ा कम पड़ेगा और जरूरी इलाज करवाना आसान होगा.
खेल का सामान होगा सस्ता
खेलो इंडिया को प्रॉपर ढंग से लागू किया जाएगा. बजट के बाद अब खेल-कूद का सामान खरीदना जेब पर थोड़ा हल्का पड़ेगा. 10000 करोड़ एसएमई को अलॉट किया गया है. इससे बैट, बॉल, फिटनेस गियर जैसे सामान सस्ते मिल सकते हैं. जब दाम कम होंगे तो लोग ज्यादा खरीदेंगे, जिससे बाजार में इन चीजों की बिक्री भी बढ़ेगी.
भारतीय मछुआरों को राहत
भारत के जहाजों द्वारा EEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) और अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाकों में पकड़ी गई मछलियों पर अब कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी. इससे समुद्री मत्स्य उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और मछुआरों की कमाई बेहतर हो सकती है. इससे सी फूड के दामों में थोड़ी कमी आ सकती है.
चमड़ा उद्योग को बढ़ावा, जूता, बेल्ट सस्ता
सरकार ने चमड़े के निर्यात को बढ़ाने के लिए कुछ जरूरी कच्चे माल और उत्पादों के आयात पर ड्यूटी फ्री करने का प्रस्ताव दिया है. इससे भारतीय लेदर प्रोडक्ट्स की लागत घटेगी और वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे. लेदर बैग्स, जूते, बेल्ट और अन्य चमड़े से बने सामान सस्ते हो सकते हैं.
लिथियम-आयन सेल निर्माण को समर्थन; फोन-टैबलेट सस्ता
लिथियम-आयन बैटरी सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले मशीनरी और उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी छूट को आगे भी जारी रखा गया है. इससे भारत में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में. ईवी गाड़ियों के और भी सस्ता होने की उम्मीद रहेगी. इसके साथ ही मोबाइल फोन और टैबलेट्स के सस्ता होने का पूरा अनुमान है.
सहकारी समितियों के सदस्यों को टैक्स राहत
कपास के बीज और पशु चारा सप्लाई करने वाले सहकारी समितियों के सदस्यों को मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ा दिया गया है. इसका मकसद किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों को आर्थिक सहारा देना है. इससे लोगों की जेब में पैसा आएगा
अपील के दौरान पेनल्टी पर ब्याज नहीं
अगर कोई टैक्सपेयर पेनल्टी के खिलाफ पहली अपील प्राधिकरण (First Appellate Authority) के पास जाता है, तो उस अपील की सुनवाई के दौरान पेनल्टी राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा. चाहे बाद में फैसला किसी के भी पक्ष में आए. इससे टैक्स विवादों में लोगों पर तुरंत वित्तीय दबाव कम होगा.
और क्या-क्या सस्ता हो रहा?
माइक्रोवेव्स सस्ती होंगी, सोलर पैनल सस्ता होगा. इंपोर्टेड लकड़ी के सामान होंगे सस्ते. 17 दवाइयां होंगी सस्ती. 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज वाली दवाइयां सस्ती होंगी, जो पर्सनल यूज के लिए इंपोर्ट की जाएंगी.
क्या महंगा हो रहा है?
शराब पर टैक्स की बढ़ोतरी हो रही है. सिगरेट और पान मसाला पर सिन टैक्स बढ़ा है. यह अब लोगों की और भी जेब खाली करवाएगा.
