पश्चिमी सिंहभूम. पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रोंगो गांव में मंगलवार की रात एक जंगली हाथी ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. इस खौफनाक घटना के बाद बुधवार की सुबह वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका आपातकालीन इलाज चल रहा है. इस घटना के बाद से सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों को लेकर भारी दहशत का माहौल है.
अंधेरे के कारण नहीं दिखे हाथी, पास पहुंचते ही सूंड से दूर पटका
घायल के परिजनों और वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार की रात करीब 9:00 बजे हुआ:
- तालाब से लौट रहा था युवक: रोंगो गांव निवासी 31 वर्षीय नोमा चेरोवा रात के समय अपने घर से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक स्थानीय तालाब के पास से वापस पैदल अपने घर लौट रहा था.
- पेड़ के नीचे जमा था झुंड: इसी दौरान रास्ते में स्थित कटहल के घने पेड़ों के नीचे जंगली हाथियों का एक झुंड पहले से डेरा डाले हुए था. रात का घना अंधेरा होने की वजह से नोमा को पेड़ों के नीचे हाथियों की मौजूदगी का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं हो सका.
- सूंड से किया हमला: जैसे ही नोमा अनजाने में हाथियों के बिल्कुल करीब पहुंच गया, झुंड में से एक विशालकाय हाथी ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए उसे अपनी सूंड से लपेटकर दूर हवा में पटक दिया. जमीन पर सीधे गिरने के कारण नोमा के शरीर और आंतरिक अंगों में गंभीर चोटें आईं. इसके बावजूद उसने अदम्य साहस दिखाते हुए घिसटते और भागते हुए किसी तरह अपनी जान बचाई और घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई.
घरों को पहुंचाया नुकसान, गांव में वन विभाग की टीम मुस्तैद
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस घटना के काफी देर बाद तक हाथियों का यह आक्रामक झुंड गांव के तटीय इलाके में ही जमा रहा. हाथियों ने न सिर्फ फसलों को रौंदा, बल्कि गांव के कुछ मिट्टी के घरों को भी आंशिक रूप से तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया है. बुधवार की सुबह जैसे ही इस घटना की आधिकारिक सूचना कोल्हान वन प्रमंडल के गोइलकेरा वन प्रक्षेत्र की टीम को मिली, वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत रोंगो गांव पहुंचे. वनकर्मियों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए घायल नोमा को अपनी देखरेख में अस्पताल पहुंचाया.
दहशत के साये में ग्रामीण, विभाग ने शुरू की मुआवजा प्रक्रिया
यह प्रभावित क्षेत्र कोल्हान वन प्रमंडल के गोइलकेरा वन प्रक्षेत्र के तहत आता है, जो लंबे समय से हाथियों के मुख्य कॉरिडोर में से एक रहा है. इस ताजा हमले के बाद से कोइलकेरा और मनोहरपुर के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग रात को रतजगा करने पर मजबूर हैं और खेतों में जाने से कतरा रहे हैं.
इधर, वन विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया है. रेंजर के अनुसार, घायल नोमा चेरोवा के इलाज का पूरा खर्च वन विभाग उठा रहा है. इसके साथ ही, हाथियों द्वारा किए गए हमले की इस घटना को लेकर सरकारी नियमों के तहत मिलने वाले त्वरित अंतरिम मुआवजे और घर-फसल के नुकसान के आकलन को लेकर जरूरी कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले और बिना टॉर्च के घरों से बाहर न निकलें.
