गिरिडीह. जिले के जमुआ/मिर्जागंज क्षेत्र में गिरिडीह पुलिस द्वारा आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अभियान में गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. विमल कुमार ने मुख्य रूप से शिरकत की और देश में लागू नए भारतीय न्याय संहिता (नए दंड विधान) की बारीकियों, साइबर अपराध से बचाव और सड़क सुरक्षा नियमों के संबंध में विस्तृत जानकारियां साझा कीं.
नए दंड विधान और त्वरित न्याय प्रणाली की जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि देश में लागू हुए नए तीन आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, सुलभ और पारदर्शी न्याय प्रदान करना है. उन्होंने पुलिस कार्रवाई में डिजिटल साक्ष्यों के बढ़ते महत्व और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिलने की प्रक्रियाओं के बारे में ग्रामीणों व युवाओं को जागरूक किया.
फर्जी APK और कॉल से रहें सावधान: साइबर सुरक्षा टिप्स
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसपी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी:
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अनजान ऐप/लिंक से दूरी: बिना जांचे-परखे किसी भी अनजान एपीके (APK) फाइल, व्हाट्सएप्प लिंक या कस्टमर केयर के नाम पर भेजे गए ऐप को इंस्टॉल न करें.
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ओटीपी और वित्तीय जानकारी: बैंक अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल्स पर किसी भी सूरत में अपना पासवर्ड, पिन या ओटीपी (OTP) साझा न करें.
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तुरंत रिपोर्ट करें: साइबर ठगी का शिकार होने पर अविलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं.
सड़क सुरक्षा: हेलमेट और सीटबेल्ट ही बचाएंगे जान
सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए एसपी ने ग्रामीणों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय गुणवत्तापूर्ण हेलमेट का प्रयोग और चार पहिया वाहन चलाते समय सीटबेल्ट का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है. इसके अलावा तेज रफ्तार और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर अंकुश लगाने की अपील की, ताकि अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सके.
