गढ़वा. झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र में रामनवमी की अष्टमी के जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच हुई तीखी बहस ने गुरुवार रात हिंसक रूप ले लिया. कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास जुलूस पहुंचने पर हुए विवाद के बाद जमकर पथराव हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के तीन गोले दागने पड़े. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पक्ष से 13 और दूसरे पक्ष से 6 लोग शामिल हैं.
पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 18 मोटरसाइकिलें और 9 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. इस बीच, कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में रमकंडा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
विवाद की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति:
-
तनाव की शुरुआत: इलाके में विवाद की जड़ बुधवार को ‘महावीर पताका’ स्थापित करने को लेकर शुरू हुई थी, जिसके विरोध में गुरुवार सुबह छह घंटे तक सड़क जाम रहा था. इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच रात में जुलूस निकलने पर दोबारा झड़प हो गई.
-
आंसू गैस का प्रयोग: पथराव की स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया. सुरक्षा कारणों से रामनवमी जुलूस को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा.
-
भारी सुरक्षा बल तैनात: फिलहाल रमकंडा में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. वरीय अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
गढ़वा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जिले में शांति व भाईचारा बनाए रखने में सहयोग करें.
