बोकारो. बेरमो अनुमंडल के पेटरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत खेतको में शुक्रवार शाम रामनवमी उत्सव के दौरान एक हृदयविदारक हादसा हो गया. खेतको शिव मंदिर के समीप अखाड़े में महावीरी झंडा खड़ा करने के दौरान वह ऊपर से गुजर रहे 132 केवी (एक लाख 32 हजार वोल्ट) के हाईटेंशन टावर की चपेट में आ गया. इस करंट की चपेट में आने से सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए. घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और उत्सव का माहौल अफरा-तफरी में बदल गया.
घायलों की पहचान खेतको निवासी सुरेंद्र सिंह (36), गुलाबचंद दास (28), मिथुन ठाकुर (30), अनिल रविदास (40), मदन कुमार नायक, शुभम रविदास (24) और 15 वर्षीय किशोर रुद्र रविदास के रूप में हुई है. प्राथमिक उपचार के बाद रुद्र रविदास को छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य 6 घायलों को जारंगडीह के जनता अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) रेफर किया गया है. चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं, हालांकि उनके हाथ, पैर और कंधे बुरी तरह झुलस गए हैं.
कैसे हुआ हादसा? ग्रामीणों ने बताया कि पारंपरिक रामनवमी जुलूस खेतको शिव मंदिर स्थित अखाड़ा पहुंचा था. एक अखाड़े द्वारा झंडा खड़ा करने के बाद जब रविदास टोला के लोग अपना महावीरी झंडा खड़ा कर रहे थे, तभी झंडे का ऊपरी हिस्सा पास से गुजर रहे हाईटेंशन टावर के विद्युत क्षेत्र (इंडक्शन) की चपेट में आ गया. पलक झपकते ही झंडा पकड़े हुए लोग करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर पड़े.
प्रशासनिक तत्परता:
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विधायक और अधिकारियों का दौरा: घटना की सूचना मिलते ही बेरमो विधायक कुमार जयमंगल, एसडीएम मुकेश मछुआ और एसडीपीओ बीएन सिंह तत्काल अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल-चाल जाना.
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बेहतर इलाज का निर्देश: विधायक ने बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा से फोन पर बात कर घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
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सुरक्षा प्रोटोकॉल: प्रशासन ने भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान बिजली की लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए अखाड़ा समितियों को सख्त चेतावनी दी है.
देर शाम तक अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमी रही. पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या झंडा खड़ा करने के दौरान बिजली विभाग से ‘शटडाउन’ लिया गया था या नहीं.
